शनिवार, 9 अक्तूबर 2010

कार्टून:- आल इज बैल्ल...


23 टिप्‍पणियां:

  1. वही तो पी एम् साहब गाये जात हैं

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  2. का कीजे, ससुरा पालीतीसनावा की इही जात है ...

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  3. हो हो आल इज वेळ .. बहुत बढ़िया व्यंग्य...वाह

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  4. तुम्हारा खेल बिगड़ गया तो क्या
    देखते नहीं दिल्ली में हो रहा है खेल
    इसीलिये तो कहते है भईया!
    आल इज वेल, आल इज वेल.

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  5. दिलो-दिमाग को हिला देने में समर्थ कार्टून....काजल भाई.

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  6. पीएम जी गा रहे हैं...और पब्लिक साथ में झुनझुना बजा रही है :)

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  7. हम सबका हाल बुरा है, इस मँहगाई डायन से।

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  8. सखी राजनेता ही अईसन अकेली जात है ,
    जो इंसन होके , इंसाने को खाए जात है ।
    आज सचे में देश के जौन हालात है ,
    धर दिए कार्टूनवा में , वाह वाह क्या बात है ॥

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  9. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरदारों के खिलाफ चुटकुलेबाज़ी कम हो गई थी। वह दौर फिर से न शुरु हो जाए!

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  10. व्यंग्य भी और आज की राजनीति का विद्रूप चेहरा भी...शानदार.


    ____________________
    'शब्द-सृजन..." पर आज लोकनायक जे.पी.

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  11. काजल जी,
    आपने वो पुराणी कहावत जरूर सुनी होगी कि '' भैस के आगे बिन बजाना और भैस रही पगुराय '' /
    हमारे पीं ऍम साब सत्ता की खुमारी की गिरफ्त में है लिहाजा जनता से जो बन पड़े कर ले/ वो तो अपनी भूतनी में मस्त रहेंगे /
    साथ में विदेश भ्रमण का बेहतर नजारा कराने का शुक्रिया /

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  12. अभी तो और ऊँचे सुर में गायेंगे ...:)

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