शुक्रवार, 4 जनवरी 2013

कार्टून:- बड़े साहि‍त्‍यकार की कहानी


20 टिप्‍पणियां:

  1. आपका दिमाग भी खूब चलता है :)

    जो उसने ध्यान साधने के लिए गणित की कापी ही चुनी सो साबित ये कि ज्यादातर बड़प्पन गणित से सधता है :)

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    1. अली साहब, आप शायद अकेले हैं जो कार्टून को इतनी बारीकी और समग्रता से देखते हैं. बहुत भला लगता है.

      मुख्‍य पात्र और संवाद के अति‍रि‍क्‍त, कार्टून में वास्‍त्‍ाव में ही कई दूसरे तत्‍व होते हैं जि‍नका अपना महत्‍व होता है और वे कार्टून को और चुटीला/धारदार बनाते हैं. Art Appreciation के कोर्स चलाने वाले इन finer nuances को भी बराबर का महत्‍व देते हैं.

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  2. :-)
    दिल के बहलाने को ये ख़याल अच्छा है....

    अनु

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  3. काजल भाई, अब तो कोई विमोचन करवा दो,हम कब से होमवर्क कर रहे हैं कापी लिए। :)

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  4. स‍ब्र कहां रखूं
    न कुर्सी है पीछे
    न आगे मेज है।

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  5. कुछ फ़्लैश चमकें, कुछ तालियाँ बजे तो ही अब मुन्ना होमवर्क कर पायेगा.

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  6. काजल भाई ...हम भी विमोचन वाली लाइन में कब से खड़े है ...
    :)

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  7. काजल भाई... आप की तकलीफ समझ सकता हूँ...

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