गुरुवार, 30 सितंबर 2010

कार्टून:- दु:ख भरे दिन बीते रे भइय्या, अब सुख आयो रे...



18 टिप्‍पणियां:

  1. अब तक बेचारे बाढ़ के चलते मर रहे थे अब सूखे के चलते मरेंगे

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  2. हवाई सर्वेक्षण -हवाई बातें
    भारतीय किसान -मारा गया बेचारा ,कभी बाढ़ कभी सूखा
    मौसम विभाग -हद की भी हद
    एक चित्रकार कितनी बातें कह जाता है अपनी आडी तिरछी लाइनों से ...

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  3. कभी बाढ़ तो कभी सूखा
    आम आदमी तो रहेगा भूखा

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  4. ये क्या , अगले सीजन का भी इंतजार नहीं किया ।

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  5. छत पर बैठा इंसान कब जान पायेगा कि जब , इन पंखुड़ियों से उपजी आंधियों नें देश को सुखा डाला है तो फिर मौसम की क्या औकात है !

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  6. मौसम के लॉलीपॉप को कर्तव्यों की इतिश्री मान ली गयी है।

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  7. फिक्र न करें, सूखे के भी पहले भाई खुद ब खुद भूखा मरने ही वाला है..

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  8. पानी भर कर अभी से रख लो, फिर न कहना सुखे में पानी की कमी थी. :)

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  9. सुखा, बाढ अगर इन से बच गये तो पवार....

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  10. क्या ख़ूब कहा ..

    लाजवाब !

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