बुधवार, 22 सितंबर 2010

कार्टून:- पगलों की दुनिया में ऐसे खेल भी खेले जाते हैं

अगला कार्टून 28 सितम्बर को...(ज़रा घूम-फिर आऊं :-)

26 टिप्‍पणियां:

  1. कटोरा भी विदेशी है क्या ?

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  2. हे हे सई बात है जी, इम्प्रैशन अच्छा होना मांगता है।

    आप घूमो जी तब तक आपके पुराने कार्टून देखते हैं।

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  3. खेल के नाम पर बढ़िया खेल चल रहा जी

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  4. सुना तो ये भी है काजल भाई कि सबके लिए एक एक स्विस अकाऊंट भी खुलवा दिया गया है ..आखिर फ़ौर्नस...डालार पाउंड देंगे न

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  5. अच्छा है इन्हीं से इम्प्रेशन डला पाएंगे

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  6. तुझको रखे God, तुझको शीला रखे...:)

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  7. बहुत बढ़िया ........... शेविंग तो करवा लिए होते

    यहाँ भी आये एवं कुछ कहे :-
    समझे गायत्री मन्त्र का सही अर्थ

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  8. हा हा हा ! सासु छोटी , बहू बड़ी ।

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  9. मैं खुश हूं मेरे आंसुओं पे ना जाना :)

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  10. दे दे शूट के नाम तुझको दाता रखे,:)

    बहुत सटीक सिक्सर.

    रामराम.

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  11. क्रेडिट कार्ड एक्सेप्ट करता है क्या??

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  12. दे दे शीला के नाम तुझे कलमांडी रखे!!!

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  13. क्या बात है!! मज़ा आ गया. अब २८ तारीख का इन्तज़ार है.

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  14. चर्चा मंच-२८८ पर आपकी पोस्ट शोभायमान है जी..
    http://charchamanch.blogspot.com/2010/09/blog-post_25.html

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