शुक्रवार, 3 सितंबर 2010

कार्टून:- काठ के उल्लू को कौन समझाए कि यूं नहीं होता


26 टिप्‍पणियां:

  1. ह-हा-हा..... जब पूरा देश ही एक गधे से काम चला रहा हो तो......

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  2. यह तो सवार और सवारी एक सी ही दिख रही हैं !

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  3. बेचारा गधा ,उसके चेहरे पर सारी दुनिया के दर्द उभर आये हैं :)

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  4. hmm , कुछ समझ में नहीं आया, शायद मैं भी गधा ही हूँ !

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  5. @ Majaal...

    देश के असहाय लोग जिन्हें घोड़े समझ कर चुनते हैं वे घोड़े नहीं निकलते...ऐसों को अगर सवारी के लिए घोड़ा न दिया जा सके तो कोई ख़ास बात तो नहीं न :)

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  6. बहुत बढ़िया... आज कई दिन बाद देखा... अच्छा लगा..

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  7. भैया नेताजी ऐसा नहीं कर सकते , जनता एक साथ दो को देख कर भ्रमित हो जाएगी ..... .....
    ( क्या चमत्कार के लिए हिन्दुस्तानी होना जरुरी है ? )
    http://oshotheone.blogspot.com

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  8. भाई गधा ऊपर बेठा है य नीचे है, मुझे तो दोनो ही एक दिखते है, पी सी गोदियल साहब की बात भी सही है....

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  9. ये तो हमारा रामप्यारे दूसरे रामप्यारे पर बैठा है.:)

    रामराम.

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  10. बहुत नाएंसाफ़ी है जी गधे के साथ।

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  11. बहुत अच्छे

    _______________

    एक ब्लॉग में अच्छी पोस्ट का मतलब क्या होना चाहिए ?

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  12. दुखित गधे ने एक दिन छोड़ दिए सब काम गलती करता आदमी लेता मेरा नाम !

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  13. सवारी और सवार का भेद मिट गया।

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