गुरुवार, 3 जून 2010

कार्टून:- पप्पू बाबा की माया अपरंपार


26 टिप्‍पणियां:

  1. चलो पप्पू भी कर ले थोडे दिन ऎश, बहुत खुब जी

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  2. हा हा हा...
    पप्पू बाबा :)
    जय हो!

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  3. याने अब 'पप्पू कैन'ट बी बाबा जी????' :)

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  4. जय हो श्री श्री पप्पू बाबा की

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  5. गहरा व्यंग , महिला भक्तों के बिना यह व्यवसाय चल भी नहीं सकता फिर बाबा चाहे पप्पू हों या उसके पितामह :)

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  6. आईये जाने ..... मन ही मंदिर है !

    आचार्य जी

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  7. काजलजी के कार्टून हमेशा रोचक और मज़ेदार होते हैं , बधाई !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
    शस्वरं

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  8. Pata nahi aise kitne 'pappu' hain jo khudhi khudko 'param poojneey' kah jate hain!

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  9. फिल्म- देशप्रेमी
    गीत-महाकवि आनन्द बख्शी
    संगीत- लक्ष्मीकांत- प्यारेलाल
    नफरत की लाठी तोड़ो
    लालच का खंजर फेंको
    जिद के पीछे मत दौड़ो
    तुम देश के पंछी हो देश प्रेमियों
    आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों
    देखो ये धरती.... हम सबकी माता है
    सोचो, आपस में क्या अपना नाता है
    हम आपस में लड़ बैठे तो देश को कौन संभालेगा
    कोई बाहर वाला अपने घर से हमें निकालेगा
    दीवानों होश करो..... मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो

    मीठे पानी में ये जहर न तुम घोलो
    जब भी बोलो, ये सोचके तुम बोलो
    भर जाता है गहरा घाव, जो बनता है गोली से
    पर वो घाव नहीं भरता, जो बना हो कड़वी बोली से
    दो मीठे बोल कहो, मेरे देशप्रेमियों....

    तोड़ो दीवारें ये चार दिशाओं की
    रोको मत राहें, इन मस्त हवाओं की
    पूरब-पश्चिम- उत्तर- दक्षिण का क्या मतलब है
    इस माटी से पूछो, क्या भाषा क्या इसका मजहब है
    फिर मुझसे बात करो
    ब्लागप्रेमियों... आपस में प्रेम करो

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