बुधवार, 9 जून 2010

कार्टून:- आप समझ रहे हैं न मैं क्या कह रहा हूं ?


24 टिप्‍पणियां:

  1. साहब समझ गए , अधिक मलाई वाली जगह चाहिए !!

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  2. यहां भी पांच हजार का टोकन चल रहा है...

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  3. क क क्या कहा । ज़रा फिर से बोलना । मुझे समझ नहीं आया ।

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  4. ये दिल्ली पुलिस भी अबूझ पहेली है आम जनता के लिए ?

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  5. ऐसे कैसे समझेंगे ? पहले समझने वाली मुद्रा तो दिखाओ !

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  6. हा-हा, व्यावसायिक वाहनों की चेकिंग ड्यूटी चाहिए होगी !

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  7. ओय तेरा पेट ही इतना है, ज्यादा हजम्म ना होगा, यहीं लगा रह.

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  8. Uffo..yah yatayat duty kya hoti hai?
    HOT ti ho gaya mere saath to!
    Kisi comment parse itna samajhi,ki,use adhik 'lucrative' posting kee chaah hai...!

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  9. : ) ..lekin us ke liye bhi to sifarish chaheeye hogi...

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  10. @ kshama ji

    यह यातायात पुलिस का सिपाही बस यातायात नियंत्रण की ही सूखी-सूखी ड्यूटी नहीं करना चाहता... बल्कि यह तो वास्तव ही में यातायात पुलिस की मलाईदार 'ड्यूटी' भी करना चाहता है पर (बक़ौल अली जी के) अफ़सर को मुद्रा दिखाए बिना ही मुद्रा वाली ड्यूटी की बात कहां समझा पर रहा है यह उसे :-))

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  11. Bilkul sahab ji samjh gaye ki aap ka khrcha nahi chal raha..............

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  12. आपके बेहतरनी कमेंट से यहां तक खींचा चला आया। आप बेहतरीन कैरीकेचर बनाते हैं।

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  13. जहां न हो माल न पानी; वह ड्यूटी भी कोई ड्यूटी है लल्लू!
    :)

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