शनिवार, 22 सितंबर 2012

कार्टून :- राजनीति‍ में, बदलाव का मतलब



9 टिप्‍पणियां:

  1. जी ये तो रिप्ले हो रहा है , यु पी ए -१ वही अमेरिका ,वही अमेरिका में होने वाला चुनाव, वही देश के नाम पर सरकार का बड़ा फैसला , वही केंद्र सरकार से बंगाल की सरकार का समर्थन वापस , वही सरकार का अल्पमत, वही मुलायम का साथ
    यु पी ए -२ वही वही वही " "

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  2. इतिहास दोहराता है, हम ही बूढ़े हो जाते हैं।

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  3. आपकी भविष्यवाणी के सभी रंग सही लग रहे है. ये वाकई पल्लवित हो गए तो पता नहीं भारतीय राजनीति का क्या रंग होगा :))

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (23-09-2012) के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    सूचनार्थ!

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  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  6. संभावनाओं पर कुछ भी क्यों कहा जाये और वह भी बुरी बात . तेज नदियों को बांधकर नदी घाटी योजना भी बनाई जा सकती है हम अपनी चुनाव की नपुंसकता दूसरों पर क्यों थोपना चाहते हैं . बेहतर चुनाव करें

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  7. ई काजल भैया एक लोगो /चित्र व्यंग्य /मुद्रित प्रतीक धर्मनिरपेक्षता का भी बना दो .आने वाले दौर में लालू -मुलायम -शरद के बहत काम आयेगा .सरकार को बचाएगा .बढ़िया प्रस्तुति .ओखली में सिर दिया तो डरना क्या .बदलाव तो प्रकृति का नियम है .कार्टून को जड़ वस्तु तो है नहीं एक बोलती हुई व्यापक व्यंजना है

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