गुरुवार, 11 फ़रवरी 2010

कार्टून :- इस साल असली मुद्दा तो भूल ही गए लोग...!


14 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छा याद दिला दिया..मुर्दाबाद मुर्दाबाद!! :)

    जवाब देंहटाएं
  2. महंगाई के इस दौर मे लगता है विरोध भी महंगा हो गया है।खूब लपेटा है काजल भाई।

    जवाब देंहटाएं
  3. पहले शाहरूख खान से निपट लें फिर इसके बारे में सोचते हैं :)

    जवाब देंहटाएं
  4. अंदर ही अंदर पूरी तैयारी है.:)

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  5. बाप को गाली देने वालों को हमने भी फ़ादर्स डे मनाते देखा है.

    जवाब देंहटाएं
  6. हमने तो सोच रखा है , की कैसे करना है विरोध।
    बस बताएँगे उसी दिन।

    जवाब देंहटाएं
  7. हम भी मुर्दाबाद कहे देते हैं समीर जी की तरह आभार्

    जवाब देंहटाएं
  8. ....विरोध करते-करते लोग थक गये हैं लेकिन मानेंगे नही, विरोध जरूर होगा क्योंकि ये "इंडिया" है !!!

    जवाब देंहटाएं
  9. @ अली सैयद ( इ-मेल द्वारा )

    "भाई अब ३६५ दिन किसी न किसी बात का विरोध ही करना है तो एक बेचारा वैलेंटाइन्स डे , भला उसकी क्या औकात जो पता चलने लायक रह जाये !"

    जवाब देंहटाएं
  10. मुंह पे कालिख तो पहले ही पुत चुकी है इसलिए दिमाग भी बंद हो गया है

    जवाब देंहटाएं

LinkWithin

Blog Widget by LinkWithin