Wednesday, November 16, 2011

कार्टून:- पट्ठे सुधर जा नहीं तो तेरी ऑडिट कर दूंगा


17 comments:

  1. कर दो, जो करना है?

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  2. अब तो ‘लात’ जोडने की नौबत आ गई है :)

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  3. हा हा हा ! शेर का इतना डर नहीं होता , जितना टपके का ।

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  4. लाख जोड़ने से थोड़ा चटपटा हो जायेगा।

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  5. कमाल है काजल भाई,
    आडिट का फंडा भी निराला है.

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  6. आडिट बोले तो चिराग तले अन्धेरा !

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  7. अब लूट राज में ५-६ जीरो तो इधर उधर हो ही सकते हैं :)

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  8. सही पकड़ा है गुरु !

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  9. यह चाट-पकौड़ी में निम्बू निचोड़ने जैसा होगा :)

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  10. Bahut badhiya !

    अपने महत्त्वपूर्ण विचारों से अवगत कराएँ ।

    औचित्यहीन होती मीडिया और दिशाहीन होती पत्रकारिता

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  11. बस लाख में ही बाकी सब खाख हो जायेगा :-)

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  12. एक साल के लिये देश का प्रबन्धन ऑडीटरों को दे कर देख लिया जाये! :)

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