गुरुवार, 5 मई 2011

कार्टून:- वाह भई कैप्टेन गोपीनाथ अब ये ही दिन देखने बदे थे

28 टिप्‍पणियां:

  1. केप्टन गोपीनाथ से ऐसी ही लेटरल थिंकिंग की अपेक्षा थी! :)

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  2. ठीक है पूरी व्यवस्था से ही जाना चाहिये, कहीं बीच में एक आध रात आराम करना पड़ जाये तो ...

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  3. वाह, मजेदार....यह तो बहुत सुन्दर है..बधाई.

    ________________________________

    'पाखी की दुनिया' में 4 साल की उम्र में इतना बड़ा इनाम सुन हैरान हो जाएंगे आप.

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  4. हा हा ..जब ट्रेन में बिस्तर ले जा सकते हैं तो प्लेन में क्यों नहीं :) :)

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  5. जरुरी है भाई हम भारतीय जितना पैसा देते है उसको अच्छे से वसूलना भी जानते है और लोग जितना पैसा लेते है उसमे कम से कम जो दे सकते है वही देते है |

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  6. हा-हा-हा...
    मोढा और खाट दोनों लेकर चला मुरारी ...!

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  7. Poori afraa tafri rahti hai "Tatpoonjiyaa Air lines "me .LOg bhi aise hi aaten hain yahaan .
    kararaa vyngya ,behtreen chutiki !
    veerubhai

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  8. सीधे ऊपर जाना है तो खटिया क्यों ?

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  9. यही हाल रहा तो आगे चल कर फर्श पर बिछाने वाले आईटम्स की मांग बढ़ जायेगी :)

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  10. हम भी बोरिया बिस्तर बांधे बैठे हैं । लेकिन ये स्ट्राइक मुई !

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  11. आप ने बताय धन्यवाद, अगली बार हम भी खटिया साथ ले कर आयेगे जी:)

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  12. मच्छरदानी तो रह ही गयी !

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  13. यह तो किसी की खटिया खडी हो गयी

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  14. वाह ! सच्ची -मुच्ची अब ये दिन भी जल्दी आने वाले है

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  15. बहुत बढ़िया प्रस्तुति .....

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  16. हड़ताल टूटने पर आया हूं। कुछ लिखते नहीं बन रहा!

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  17. मजेदार ......मेरे पास भी एक छोटी सी चेयर ....वही काम आएगी....

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