शनिवार, 29 दिसंबर 2012

कार्टून:- ताला उद्योग के भी दि‍न फि‍रे


12 टिप्‍पणियां:

  1. ....दिमाग में तो पहले से ही लगा था,अब यहाँ भी !

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  2. चलो, इस मंदी के दौर में किसी के तो दिन फिरे !

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  3. काश चाबी बनाने वालों के दिन फिरते ।

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..!
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (30-12-2012) के चर्चा मंच-1102 (बिटिया देश को जगाकर सो गई) पर भी की गई है!
    सूचनार्थ!

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  5. इस ताले की चाबी जनता ही खोजेगी.

    रामराम

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  6. शानदार अभिव्यक्ति,
    जारी रहिये,
    बधाई।

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  7. और चाबी खो जाए ......अन्दर हो काग भगोड़ा और उसकी मम्मी चाबी जनता रखे अपने पास .

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