रविवार, 6 अक्तूबर 2013

कार्टून :- कवि‍ता तेरे खेल नि‍राले


9 टिप्‍पणियां:

  1. हाहाहा.. इतना कड़ा बदला ठीक नहीं है..

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  2. घूँसा मारनेवाला माफ़ी मांगते हुए खुद को पीट लेगा

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  3. वाह.... बेचारा घूँसा मारनेवाला

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  4. बहुत ख़ूब! नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. नवरात्रि की मंगल कामनाएं-

    भूसा भरा दिमाग में, रविकर फांके धूल |
    पढ़िए कुण्डलियाँ मगर, कार्टून करूं क़ुबूल |

    कार्टून करूं क़ुबूल, मस्त यह दाँव सिखाया |
    काजल नयनन डाल, आज बच्चा गुर्राया |

    दिया कवित्त सुनाय, खाय के दो ठो घूसा |
    हुआ शत्रु बेहोश, भरा था किंवा भूसा ||

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  6. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।। त्वरित टिप्पणियों का ब्लॉग ॥

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  7. एक झापड़ के लिये इतनी बड़ी सजा।

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