मंगलवार, 14 जून 2011

कार्टून :- छुपकर रेल चलाने का मज़ा भी कुछ और ही है :)



24 टिप्‍पणियां:

  1. बस आई एस आई से मिल लो,
    किसी और की जरुरत नहीं रहेगी।

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  2. इन दोनों से पाकिस्तान में बड़ा है ही कौन ???

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  3. बहुत काम की जानकारी लेकर आये हो आज तो!

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  4. माना के नाकारा है ,दिखाऊ है लेकिन औपचारिकता ,डिप्लोमेसी भी तो कोई चीज़ है .क्या बात है पडोसी को आइना दिखाना ठीक नहीं .

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  5. बेहद चुटीला बधाई काजल जी

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  6. सही है जी...पर ये जो सब है अमेरिका का ही बनाया हुआ है

    प्‍यारे और मस्‍ती भरे हिन्‍दी एसएमएस

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  7. अरे, रबड की मोहरें हैं।

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  8. वाकई.... बड़ी मुश्किल है भाई!!!

    प्रेमरस

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  9. सारा काम तो निपटा आये अब किसी से क्यों मिलें.

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  10. सही है... वैसे आई एस आई से भी फोकट में मिले... सेना से मिल लेते. आई एस आई भी तो उन्ही का डिपार्टमेंट है..

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  11. सटीक व्यंग ..इन दोनों से मिलने के बाद बचा ही क्या ?

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  12. चोर को पकड़ ही लिया आपने...

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  13. हाहा गज़ब के कार्टून...अच्छा व्यंग...

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  14. बाद वाले दोनो से मिलना जरूरी है जिससे टी.ए. बिल पास होने में कोई झंझट न हो! :)

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  15. खाने वाले जरूरी हैं तो दिखाने वाले भी।

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  16. आजकल के तनाव भरे माहौल में मुस्कुराहटें बिखेरना बहुत सराहनीय है, और तिसपर कुछ सार्थक विचार भी हो, तो सोने पे सुहागा :) बहुत बढ़िया कटाक्ष.

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  17. सही बात है, समय क्यों व्यर्थ किया जाये।

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