गुरुवार, 22 अप्रैल 2010

कार्टून:- धोबन पे ज़ोर नहीं, गधैया कै हड़कायै...


18 टिप्‍पणियां:

  1. वाह,वाह! और वो दस रुपये भी लेते चलो जी जो दिये थे सूचना मांगने के लिये।

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  2. आजकल हो भी यही रहा है ।
    शीर्षक बहुत अच्छा लगा ।

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  3. ऐसा तो नहीं होता... मेरे ख्याल से ऐसी सूचनायें नहीं दी जाती...

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  4. चलो अब इन गुंडो को हफ़्तो भटकना नही पडेगा...

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  5. मैंने समझा अपने ब्लॉग जगत की बात हो रही है.

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  6. अच्छी प्रस्तुती मानवता पे आधारित सार्थक विवेचना कार्टून के जरिये करने के लिए धन्यवाद /जब तक हम इन स्वार्थी और भ्रष्ट राजनेताओं को मनमानी करने से नहीं रोकेंगे, देश में स्थिति नहीं बदलेगी / वैकल्पिक मिडिया के रूप में ब्लॉग और ब्लोगर के बारे में आपका क्या ख्याल है ? मैं आपको अपने ब्लॉग पर संसद में दो महीने सिर्फ जनता को प्रश्न पूछने के लिए ,आरक्षित होना चाहिए ,विषय पर अपने बहुमूल्य विचार कम से कम १०० शब्दों में रखने के लिए आमंत्रित करता हूँ / उम्दा देश हित के विचारों को सम्मानित करने की भी वयवस्था है / आशा है आप अपने विचार जरूर व्यक्त करेंगें /

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  7. दस रुपया न हुआ, मछली पकड़ने को कंटिये में लगा केंचुआ हो गया! :)

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  8. ...सूचना का अधिकार ... लूट का एक माध्यम बन गया है !!!

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  9. इतने कम इन्वेस्टमेंट में इतने बढ़िया रिटर्न्स. ये तो बिजनेस आइडिया तो आईपीएल को भी मात दे दे सकता है.

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