Saturday, November 10, 2012

कार्टून :- फ़ंडा फ़ेसबुक का



17 comments:

  1. :):) हमें आदत नहीं च्युंगम खाने की ।

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  2. और जिनके दांत नहीं, उनका क्‍या काजल जी

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  3. ...खिंचती है और हम असहाय हो जाते हैं !

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  5. वाकई फ़ेसबुक के च्यूईंगम स्वरूप का तो ख्याल भी आज तक नही आया था. एक कार्टूनिस्ट व्यंगकार की नजर कहां कहां तक पहुंच सकती है यह आपके व्यंग कार्टून देख पढ कर ही समझ आता है. आपका जवाब नही. अपनी कूंची को इसी धार के साथ चलाते रहिये कभी ना कभी तो सुबह होगी ही. बहुत बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  6. धीरे धीरे रस चला जाये सो अलग..

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  7. जय हो सच कहा आपने ससुरी को चबाते रहिए चाहे स्वाद हो या बेस्वाद :) :)न

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  8. hhahahahahahahahaha.....सही है ...

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  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    त्यौहारों की शृंखला में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धनपूजा और भाईदूज का हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    त्यौहारों की शृंखला में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धनपूजा और भाईदूज का हार्दिक शुभकामनाएँ!

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