रविवार, 26 फ़रवरी 2012

कार्टून:- सरकारी बैंक


22 टिप्‍पणियां:

  1. पर ये बात वो 'खुशवंत सिंह' से क्यों कह रहा है :)

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  2. सरकारी बैंक वालों को परिसर में ही एक धर्मशाला खोल लेनी चाहिये।

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  3. सरकारी हैं न । कार्य सरकता है ।

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  4. हड़ताल की भनक इन्हें कैसे लग गई ?

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  5. हड़ताल की भनक इन्हें कैसे लग गई ?

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  6. हद है! ड्राफ्ट बनवाने में इत्ता समय कहां लगता है? जबरदस्ती का व्यंग्य।

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  7. सुबह देने पर शाम तक मिल ही जाता है, नहीं तो अगले रोज.

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  8. अतिशयोक्ति हो गयी है! इतने बुरे हाल नही है!

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  9. देर बेशक लगे लेकिन काम हो तो जाता है..

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  10. आजकल ड्राफ्ट बनने में बहुत समय नहीं लगता. बीस मिनट में भी बनते देखा है. अब बैंक कर्मचारियों के प्राण लेने हैं क्या? :))

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  11. फिर गैर सरकारी में काहे नहीं जाते!

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  12. वैसे कितने दिन रहना पड़ा आपको..??:-)

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  13. 'नौ दिन चले अढाई कोस 'यही चाल है सरकारी बंदोबस्त की .

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  14. सरकारी का ऐसा मज़ाक मत उड़ाओ भाईओ
    Elephant rock

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