Sunday, December 14, 2014

कार्टून :- सेल्‍फ़ी के पचड़े


5 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (15-12-2014) को "कोहरे की खुशबू में उसकी भी खुशबू" (चर्चा-1828) पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. अरे,पूछ ही तो रही हैं -काज़ी जी काहे को दुबले !

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