गुरुवार, 5 अप्रैल 2012

बाबा की बाबाई प्रा0 लि‍0


13 टिप्‍पणियां:

  1. समय के साथ न चले वो कैसा साधु ??

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  2. ओह सच मुच बैंक प्रबंधन को इसके लिए योजना बना लेनी चाहिए, सबसे फायदे का सौदा है गुरू..

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  3. :)टीआरपी और पैसे कमाने का सही धंधा है बैंक क्यूँ न साथ देगी :)

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  4. सही में बाबाओं के मज़े हैं ......

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  5. ज़माने के साथ चलना ही चाहिए... बाबाओं का ये धंधा आजकल खूब फलफूल रहा है. बहुत अच्छा कार्टून, बधाई.

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  6. आधुनिक बाबा की आदुनिक बाबागिरी ।

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