शनिवार, 2 अप्रैल 2011

कार्टून:- किसान का गीत



30 टिप्‍पणियां:

  1. किसान जिन्दा रह ले और कर्ज उतार ले यही बहुत बड़ी बात है...

    जवाब देंहटाएं
  2. हवाई जहाज नहीं भाई ट्रैक्टर खरीदो।

    जवाब देंहटाएं
  3. हवाई वादों से हवाई जहाज नहीं आता है।

    जवाब देंहटाएं
  4. किसान : खरीद तो लेंगे भागवान । पर न्यूं बता तू उसका करैगी के । :)

    जवाब देंहटाएं
  5. .

    मुझे आपके कार्टून पर घनघोर आपत्ति है जी ... पत्नियाँ इतनी मूढमति तो नहीं होती ?....अक्सर उनके पाँव जमीन पर ही रहते हैं ।

    By the way , it's a wonderful cartoon . You made me smile.

    .

    जवाब देंहटाएं
  6. सरकारी अनुमानों और बयानों पर तीखा कटाक्ष....

    जवाब देंहटाएं
  7. हवाई जहाज द्वारा हल कैसे चलाया जाता है ये देखना चाहता हूँ :)

    वैसे सरकार यह भी कर सकती है :)

    जवाब देंहटाएं
  8. बावरे हैं मेरे किसान
    किसी ने बित्ता सा कुछ
    कह क्या दिया,
    आत्महंता तो न हुए..
    उम्मीदें और लगा लेते हैं
    किले बना लेते हैं
    बावरे हैं मेरे किसान

    जवाब देंहटाएं
  9. हवाई जहाज खरीदें, ए.टी.एफ. सस्ते होने की आशा में!

    जवाब देंहटाएं
  10. खुली आँखों के बढ़िया ख्वाब दिखाई दिए इस कार्टून में।
    --
    टीम इण्डिया ने 28 साल बाद क्रिकेट विश्व कप जीतनें का सपना साकार किया है।
    एक प्रबुद्ध पाठक के नाते आपको, समस्त भारतवासियों और भारतीय क्रिकेट टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।

    जवाब देंहटाएं
  11. तीखा कटाक्ष है काजल भाई..मेरी बधाई स्वीकार करें।

    जवाब देंहटाएं
  12. गेहूं का समर्थन मूल्य बढेगा तो मुकेश अम्बानी को एक निजी जेट तो बेचना ही पड़ेगा ना अपने अट्टालिका में रहने वालों का पेट भरने के लिए .

    जवाब देंहटाएं
  13. खुदकुशी की कोशिश पे मरने की गारंटी का सपना क्या बुरा है !

    जवाब देंहटाएं
  14. सपने देखने में हर्ज़ क्या है, खुशियाँ जैसे भी मिले....
    सरकारी आश्वासनों और बयानों पर तीखा प्रहार ....

    जवाब देंहटाएं
  15. हवा में उड़ने में क्या है :)

    जवाब देंहटाएं
  16. sateek vyngya "manmohani aakdebaaz sarkaar"fes buk aur tyutar edikts par .
    Good satire on "facebook ",Tweeters "par .
    veerubhai .

    जवाब देंहटाएं
  17. बड़ा गहरा व्यंग्य छुपा है इस कार्टून में !
    आभार!

    जवाब देंहटाएं
  18. बावरे हैं मेरे किसान
    किसी ने बित्ता सा कुछ
    कह क्या दिया,
    आत्महंता तो न हुए..
    उम्मीदें और लगा लेते हैं
    किले बना लेते हैं
    बावरे हैं मेरे किसान...

    कार्टून तो उम्दा है ही...
    आपकी कविता भी बेहद शानदार .

    शुक्रिया !

    जवाब देंहटाएं
  19. सरकारी आश्वासनों और बयानों पर तीखा प्रहार| धन्यवाद|

    जवाब देंहटाएं
  20. सरकारी अनुमानों और बयानों पर कटाक्ष....

    जवाब देंहटाएं

LinkWithin

Blog Widget by LinkWithin