शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

कार्टून :- अडवाणाी जी की सुनी आपने ?


5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शुक्रवार (29-11-2013) को स्वयं को ही उपहार बना लें (चर्चा -1446) पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. छींके टूटे भाग्य से, टँगा यहाँ भी एक |
    किन्तु नहीं टूटा कभी, छींके हुई अनेक |
    छींके हुई अनेक, किन्तु उम्मीदें बाकी |
    आने दो परिणाम, पिला देना तब साकी |
    सड़े नहीं अंगूर, हुवे ना खट्टे फीके |
    होवे पहले जीत, अभी ना कोई छीके ||

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  3. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।। त्वरित टिप्पणियों का ब्लॉग ॥

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  4. एक तो इतना बोल ही रहे है , अब इन्हे तो चुप रहने दीजिये ।

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  5. करेले को नीम क्यों चढाना?:)

    रामराम.

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