Sunday, February 26, 2012

कार्टून:- सरकारी बैंक


21 (कमेंट करने के लिए राइट क्लिक कर नए पेज में खोलें):

  1. सामान कुछ कम है :)

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  2. पर ये बात वो 'खुशवंत सिंह' से क्यों कह रहा है :)

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  3. सरकारी बैंक वालों को परिसर में ही एक धर्मशाला खोल लेनी चाहिये।

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  4. सरकारी हैं न । कार्य सरकता है ।

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  5. हड़ताल की भनक इन्हें कैसे लग गई ?

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  6. हड़ताल की भनक इन्हें कैसे लग गई ?

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  7. हद है! ड्राफ्ट बनवाने में इत्ता समय कहां लगता है? जबरदस्ती का व्यंग्य।

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  8. सुबह देने पर शाम तक मिल ही जाता है, नहीं तो अगले रोज.

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  9. अतिशयोक्ति हो गयी है! इतने बुरे हाल नही है!

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  10. देर बेशक लगे लेकिन काम हो तो जाता है..

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  11. हा हा हा ..क्या वाकई ??

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  12. आजकल ड्राफ्ट बनने में बहुत समय नहीं लगता. बीस मिनट में भी बनते देखा है. अब बैंक कर्मचारियों के प्राण लेने हैं क्या? :))

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  13. फिर गैर सरकारी में काहे नहीं जाते!

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  14. हा-हा-हा ...!
    सरकारी बैंक ...!

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  15. वैसे कितने दिन रहना पड़ा आपको..??:-)

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  16. 'नौ दिन चले अढाई कोस 'यही चाल है सरकारी बंदोबस्त की .

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