Sunday, February 19, 2012

कार्टून:- मतदान कर आए क्या ?


29 comments:

  1. मतलब दान मत कर,वो इसे ऐसे ही तेरे से छुड़ा या लूट लेंगे !

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  2. फिर दान तो दान ही है चाहें मत का ही हो.

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  3. :):) दोनों ही अर्थ निकाल रहे हैं ...मत ( वोट) इसको दान कर ... या इसको दान मत ( नहीं ) कर ...

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  4. किसी न किसी को तो करना ही पड़ेगा।

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  5. जय हो ..एकदम्मे दान नहीं किया जाए इन ससुरों को तो ..भोटिंग जरूर किया जाना चाहिए लेकिन

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  6. ये भिखारी बहुत शातिर है , दान लिए वगैर नहीं जाने वाला ! :)

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  7. मत दान करो, मत दान करो.... मत करो ... मत करो... :)

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  8. पहले तो बूथकैप्चरिंगास्त्र से ये दान स्वयम ले लेते थे। अब कुछ चांप दिया है चुनाव आयोग ने।

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  9. अगर रेड कलर का उपयोग तीनो जगह जानबूझकर किया गया हो तो इस कार्टून के अन्यार्थ भी निकाल सकते है :)

    चित्र में नेता जी किसी उभार विशेष के नीचे शरणागत लग रहे हैं और कामरेड उन्हें मत नहीं देने के लिए बहुरंगी ( अलायंस जैसा ) वोटर को भड़का रहे हैं :)

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  10. कर दो भाई कर दो :)

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  11. बहुत बढ़िया कार्टून!
    --
    आपके इस कार्टून की चर्चा कल सोमवार के चर्चा मंच पर भी लगा रहा हूँ! सूचनार्थ!
    --
    महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ स्वीकार करें।

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  12. दान भी योग्य पात्र को देना चाहिए.. आज जैसे पात्र दिखाई दे रहे हैं उस लिहाज़ से तो उन्हें मत-दान दो!!

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  13. इतने निरीह नहीं हैं ये. ये तो मत खरीद लेते हैं या ज़बरदस्ती भी ले सकते हैं. कई मामले में तो मतदान का अर्थ मतत्याग होता है :))

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  14. बहुत बढ़िया व्यंग्य .मत दान कर .

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  15. बहुत बढ़िया व्यंग्य .मत दान कर इसको .

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  16. दान मिलने से पहले मतदान नहीं :)

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  17. इन्हें मत भले ही मत मिलें, पर मत (मति) ज़रूर मिले ।

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  18. people barely understand the significance of voting.

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  19. किसी न किसी को तो देना ही पड़ेगा। वोट नहीं देकर वोट का कौन अचार डालना है।

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  20. इसलिए ही इतने ? प्रतिशत जनता मतदान नहीं करती , समझदार हैं !

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  21. या अली तेरी नज़र को सलाम -मगर मुझे तो पार्श्व में एक बलखाती तन्वंगी दिखे है जिसकी कमर बलखाई एक और लचक गयी है ! काजल जी पार्श्व उभार में चित्रकार का ध्यान कहीं और था क्या?:)

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  22. hahaha...sahi kaha mat dan kar ...inko vote mat kar...badhia cartoom kajal ji

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  23. सुन्दर. बड़ी तीक्ष्ण. .

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  24. हा..हा..हा..क्या बात है ! जब दान किया , तो मरना क्या ?

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