Monday, October 12, 2009

कार्टून:- सुनो, ज़रा ठीक से पता करते आना...


15 comments:

  1. हां अब तो इनकी भी आदत सी हो गई है. सटीक.

    रामराम.

    ReplyDelete
  2. अभी तो घर में प्रेक्टिस कर रहे हैं।

    ReplyDelete
  3. ताऊ जी की बात सही है आभार

    ReplyDelete
  4. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  5. आपने सही पकडा ! अपने यहां कहावत भी है की सारे फसाद की जड़ में जरदारी / जमीनदारी / जोरूदारी हुआ करते हैं !

    ReplyDelete
  6. आतंकवादी भी चीनी माल हो गए है, घर में ही फटने लगे है :)

    ReplyDelete
  7. Sach kaha hai shrimati ji ne...
    yahi sthiti ho gayi hai..

    Taau ji ki baat se sahmat.

    ReplyDelete
  8. अरे नही बाबा वो सब आपिस मै लड रहे होगे कि पहले मै जाऊ, पहले मै जाऊ... क्योकि इन की जन्नत का रास्ता तो हिन्दुस्तान से हो कर जाता है

    ReplyDelete
  9. आप तो बस कपडे और मिठाईयों के बारे में सोचिए ।
    जरकारी को तो अब तक किसी अस्वच्छ नें याद दिला ही दिया होगा :)

    ReplyDelete
  10. हे हे ! वैसे जरदारी ने लगता है यही अड्डा खोलने का सोचा है. बार-बार भेजने में खर्चा बढ़ रहा है. :)

    ReplyDelete
  11. कार्टून तो आपका बढिया है लेकिन मुझे इसमें कुछ-कुछ नाकारात्मक सोच दिखाई दी कि "आ बैल मुझे मार"

    ReplyDelete
  12. काजल जी, हमेशा की तरह सटीक...जैसे पकिस्तान में हालत हैं कोई दो राय नहीं कि आतंरिक मामलों से ध्यान हटाने के लिए फिर भारत के साथ छेड़छाड़ करे....
    साथ ही सुना हैं इस साल दिवाली पर चीनी धमकियाँ भी चीनी माल की तरह जमकर आ रहीं हैं....

    ReplyDelete
  13. Kajal ji aap ko aur aap ke parivar mein sabhi ko Diwali aur bahyee dooj ki shbhkamnayen.

    ReplyDelete
  14. Meethai aur Kapda to hi gaya na ....Patakhaa ka jimma Zardaari ka...ha ha ha ha

    ReplyDelete

LinkWithin

Blog Widget by LinkWithin