Tuesday, July 16, 2013

कार्टून :- गाओ री मंगलगान कि‍ वो दि‍न फि‍र आए


10 comments:

  1. ओह.... काजल बाबू आपके अब तक का सबसे सटीक और कार्टून। आपको सलाम करता हूं.... अफसोस की नेताओं की चमड़ी पर इसका असर नहीं होता।

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  2. बस ज्यादा दिन नहीं अब तब लगा हुआ है ।

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  3. आपकी रचना कल बुधवार [17-07-2013] को
    ब्लॉग प्रसारण पर
    हम पधारे आप भी पधारें |
    सादर
    सरिता भाटिया

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  4. तैयारी शुरू!

    रामराम.

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  5. जिंदगी के मायने कितने जुदा होते हैं !

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  6. सखी री, धूम मचाओ री।

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