Saturday, January 19, 2013

कार्टून:-जयपुर चिंतन समारोह स्‍थल से रपट


17 comments:

  1. ...तेल क्यों बरबाद करते हो,सीधे आग में झोंक दो :-)

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  2. इसकी खाल का तो जूता भी न बनने का.

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  3. ये उलटा लटका वही वाला हैं न जो कल डीजल के दामों के विषय में मौन सिंह को बोल रहा था कि मेरा क्या उखाड़ लेगा ? :)

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    1. सही कर रहे हैं आप. मैंने भी इस कार्टूनि‍स्‍ट पट्ठे को अभी कल ही समझाया था कि‍ मान जा, तेरे पास पत्‍ता-कटोरी के अलावा मुडी भी है. नहीं माना. और देख लो आज आ ही गई इसकी गुद्दी भी हाथ में :(

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    2. तेल , आग कुछ भी मत बरबाद करो
      अपने हाल पर मरने को छोड़ दो।
      अब तो हमने इसका सब कुछ निचोड़ ही लिया है
      इसमें अब बचा ही क्या है जो तेल , आग बरबाद करे ।।तेल , आग कुछ भी मत बरबाद करो
      अपने हाल पर मरने को छोड़ दो।
      अब तो हमने इसका सब कुछ निचोड़ ही लिया है
      इसमें अब बचा ही क्या है जो तेल , आग बरबाद करे ।।

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  4. यूँ हो झोंक दो ....जल्दी करो ..अभी बहुत हैं ???

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  5. बहुत सटीक दिखाई है कांग्रेसियों की नौटंकी

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  6. 2014 tak kya bachega?
    gareebi / gareeb.../aam aadmi.. sab..?????...

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी पोस्ट के लिंक की चर्चा कल रविवार (20-01-2013) के चर्चा मंच-1130 (आप भी रस्मी टिप्पणी करते हैं...!) पर भी होगी!
    सूचनार्थ... सादर!

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  8. पहले चमरी ही छुड़ा लो भाई
    कुछ भी करो पर मुझे दर्द होता ही अब कहां है?
    झांेक दो या कच्चा ही चबा जाओ
    उफ नहीं करूंगा..

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  9. खाल इस पर बची ही कहां है? पहले ही उधेड ली थी.

    रामराम

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  10. उधेड के झोंक डाला जाए

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  11. तेल और लकड़ी भी क्यों बर्दाद करनी ....महंगाई ने पहले ही तो मार डाला है

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  12. सटीक व्यंग करार प्रहार करता है आज की व्यवस्था पर.

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  13. खाल मिल जाए तो छोडो मत

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